विशेष

(17/Oct/2018)

मॉब लिंचिंग

विजन कुमार पाण्डेय
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
वॉट्सएप सोशल मीडिया का एक ऐसा माध्यम जिससे आज हर वर्ग जुड़ा हुआ है। एक शोध के अनुसार, वॉट्सएप न केवल बातचीत का साधन है बल्कि यह रिलेशनशिप को भी मजबूत बनाने में काफी कारगर साबित हुआ है। आज युवा वर्ग वॉट्सएप को अपनी जिंदगी का हिस्सा मान चुके हैं। वह इसके जरिए  अपने रिलेशनशिप को मजबूत बना रहे हैं। दरअसल, आज युवाओं की सबसे बड़ी समस्या अकेलापन है और ऐसे में वॉट्सएप अकेलापन दूर करने में युवाओं की मदद कर रहा है। इजरायल की एक यूनिवर्सिटी ने वाट्सएप और उससे जुड़े क्रियाकलापों के संबंध में युवा वर्ग (14-17 साल के बीच) की मनोस्थिति पर रिसर्च की। रिसर्च के मुताबिक, शाम और रात के वक्त युवा अपने आप को सबसे ज्यादा अकेला महसूस करते हैं। ऐसे व़क्त में वाट्सएप उनके अकेलेपन को दूर करता है। वाट्सएप हमारे बीच रिलेशनशिप को आसान और मजबूत बनाता है। वाट्सएप चैट से लोगों के बीच विष्वास बढ़ता है और संपर्क में रहने की संभावना बढ़ जाती है। नये शोध से यह भी पता चला है कि वाट्सएप पर इमोजी का प्रयोग शब्दों से कहीं ज्यादा प्रभावशाली है। लेकिन अब वाट्सएप का इस्तेमाल लोग अफ़वाह फैलाने में भी कर रहे हैं जो खतरनाक है। बीते कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें वाट्सएप और सोशल मीडिया से फैलने वाली अफ़वाहें सामूहिक हत्याओं की एक वजह बनी है। 
इंस्टेंट मैसेजिंग मोबाइल ऐप वाट्सएप का इस्तेमाल हर उम्र वर्ग के लोग करते हैं। ये अलग-अलग विचारधाराओं और समुदायों के होते हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के धुले जि़ले के राइनपाडा गाँव में आक्रोशित भीड़ ने एक समुदाय के पाँच लोगों को ‘बच्चा चोर’ होने के शक में पीट-पीटकर मार डाला। ये सभी लोग घूम-घूमकर भीख मांगने के लिए सोलापुर जि़ले से आए थे और कुछ दिन पहले ही इन लोगों ने धुले जि़ले के बाहर अपना डेरा जमाया था। ये सभी उस समय इस क्षेत्र से गुज़रे जब बच्चा चोर समूह के महाराष्ट्र पहुँचने की अफ़वाह फैल रही थी। वाट्सएप के ज़रिए फैले संदेशों की वजह से देश में कई लोगों की मॉब लिंचिंग हुई है। अब भारत सरकार के चेतावनियों के बाद वाट्सएप ने मैसेज फॉरवर्ड करने के अपने नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। वाट्सएप ने कहा कि वो संदेशों को फॉरवर्ड करने की सीमा तय करेगा, ताकि झूठी जानकारी को फैलने से रोका जा सके। भारत सरकार ने भी वाट्सएप को चेतावनी दी है कि अगर उसने कोई क़दम नहीं उठाया तो उसे क़ानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
वाट्सएप का सबसे बड़ा बाज़ार
भारत वाट्सएप का सबसे बड़ा बाज़ार है, यहाँ 20 करोड़ से ज़्यादा लोग वाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं। वाट्सएप का कहना है कि भारत के लोग किसी भी दूसरे देश से ज़्यादा संदेश, फोटो और वीडियो साझा करते हैं। अभी तक वाट्सएप के ग्रुप में 256 से ज़्यादा लोग नहीं हो सकते, लेकिन अब इसमें भी बदलाव होने की संभावना है। जिन संदेशों को हिंसा की वजह माना जा रहा है, उन्हें 100 से ज़्यादा सदस्यों वाले कई ग्रुप्स में फॉरवर्ड किया गया था। अब वाट्सएप यूजर्स के लिए मैसेज फॉरवर्ड करने की सीमा तय करने जा रहा है। भारतीय यूज़र्स के लिए संदेश फॉरवर्ड करने की सीमा और कम होगी। भारत में अब एक व्यक्ति एक संदेश को पाँच बार से ज़्यादा फॉरवर्ड नहीं कर पाएगा। हालांकि, ये नए नियम ग्रुप के दूसरे सदस्यों को वही मैसेज आगे पाँच लोगों को फॉरवर्ड करने से नहीं रोक पाएगा। लेकिन वाट्सएप को उम्मीद है कि उसके इस क़दम से एक मैसेज पहले से कम लोगों तक पहुँचेंगे। वाट्सएप कंपनी ने ये भी कहा है कि जिस संदेश में तस्वीरें या वीडियो होगा, उसके ठीक पास नज़र आने वाले ‘क्विक फॉरवर्ड बटन’ को हटा दिया जाएगा। वाट्सएप ने ये बदलाव मॉब लिंचिंग की कई घटनाओं के बाद किए हैं। अप्रैल 2018 से अब तक हुई इन घटनाओं में 18 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 
हाल ही में सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए त्रिपुरा की सरकार ने एक व्यक्ति को गाँव-गाँव भेजा था, लेकिन गाँववालों की भीड़ ने उस व्यक्ति को ही बच्चा चोर समझकर मार डाला। इससे पहले भारतीय सरकार ने वाट्सएप को चेतावनी दी थी कि वो यूज़र द्वारा साझा की गई सामग्री की ‘जवाबदेही और जिम्मेदारी’ लेने से बच नहीं सकता। इसके जवाब में वाट्सएप ने कहा था कि वो ‘हिंसा की इन घटनाओं से हैरान है’ और इस ‘‘चुनौती से निपटने के लिए सरकार, आम लोगों और तकनीकी कंपनियों को साथ मिलकर काम करना होगा।’’ अब ऐसी आशा है कि अनावश्यक वॉट्सएप मैसेजिं़ग में रोक लगेगी। वाट्सएप फेसबुक के ही स्वामित्व वाली कंपनी है। एक दूसरे को संदेश भेजने के लिए इस मैसेजिंग ऐप का भारत में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इसके ज़रिए जानकारी को बहुत से लोगों तक पहुँचाया जा सकता है, जिससे लोगों की भीड़ बहुत कम समय में एक जगह इकट्ठी हो सकती है। अकेले भारत में इसके करीब 80 मिलियन यूजर है। वाट्सएप को 2009 में ब्रेन एक्टन और जान कोम ने मिल कर बनाया था। वो दोनों पहले याहू (yahoo) कंपनी में काम करते थे। लेकिन सितम्बर 2007 में वो दोनों याहू से नौकरी छोड़ कर दक्षिणी अमेरिका चले गए और उसी समय वे फेसबुक में नौकरी पाने के लिए गए लेकिन उन्हें वहाँ नौकरी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने वॉट्सएप का ईज़ाद किया।
मैसज के चक्कर में फंसते लोग
आजकल वॉट्सएप पर बहुत सारे मैसेज भेजे जाते हैं जिसके चक्कर में लोग बुरी तरह फँस भी जाते हैं। वाट्सएप पर अफ़वाह फैलाने के मामले में ऐसा नहीं है कि जिसने पहली बार मैसेज़ भेजा हो, उस व्यक्ति के खि़लाफ़ ही क़ानूनी कार्रवाई की जाए, बल्कि वो व्यक्ति जो ऐसी अफ़वाहों को आगे बढ़ाता है उसका नाम भी अपराध से जुड़ सकता है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि आप ऐसे संदेशों का मज़ाक उड़ाते हुए, उन पर टिप्पणी करते हुए और उनका विरोध करते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस के निर्देशों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। ऐेसे में जिसने मैसेज़ बनाया और जिसने आगे फैलाया, वो दोनों ही अपराधी माने जाते हैं। ‘‘भारतीय दंड संहिता की धारा 505 के तहत अगर कोई जानबूझकर ऐसी अफ़वाहों को आगे बढ़ाता है जिससे शांति भंग हो सकती है तो उस व्यक्ति के खि़लाफ़ क़ानूनी कार्रवाई हो सकती है।’’
अफ़वाहों से बचें
आपत्तिज़नक कंटेंट से रहे दूर। वाट्सएप यूज़र्स जांच के दायरे में तब भी आ सकते हैं अगर उनके पास आपत्तिज़नक कंटेंट आते हैं। अगर कोई व्यक्ति आपत्तिज़नक संदेश हासिल करता है तो पुलिस फ़ोन ज़ब्त कर सकती है और जाँच में सहयोग करने के लिए कह सकती है। वाट्सएप पर दिन भर तमाम तरह की असली-नक़ली ख़बरें पाने वाले आमतौर पर उन्हें नज़रअंदाज़ करते हैं, लेकिन ये करना भी उचित नहीं है। कोई भी विवादास्पद मैसेज़ हासिल करने वालों को ऐसा संदेश मिलते ही मैसेज़ भेजने वाले को रिप्लाई करके उस मैसेज़ के संदर्भ में बात करनी चाहिए। ऐसे मैसेज़ पाने वाले लोग अपने फ़ोन पर इस तरह के संदेशों को स्पैम मार्क या रिपोर्ट कर सकते हैं।
ग्रुप एडमिन रहे सतर्क
अक्सर यह सुनने में आता है कि वाट्सएप ग्रुप का एडमिन गिरफ्तार हो गया है। ऐसी खबरें पहले भी आपने सुनी होंगी। लेकिन अगर आप भी वाट्सएप ग्रुप के एडमिन हैं तो सावधान हो जाएँ क्योंकि अगर आपके ग्रुप में आपत्तिजनक मैसेज पाए गए तो आप गिरफ्तार हो सकते हैं। अगर आपने फेसबुक और वाट्सएप पर ग्रुप बनाया है और आपको नहीं पता है कि उस ग्रुप में किस तरह के पोस्ट शेयर हो रहे हैं तो संभल जाएं। क्योंकि आपत्तिजनक वीडियो, पोस्ट और फर्जी खबरें ग्रुप्स पर लगातार शेयर होने से संप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है जिसमें एडमिन भी फँस सकते हैं।
अगर ग्रुप में भ्रामक और फर्जी पोस्ट किए जा रहे हैं तो एडमिन को ऐसे पोस्ट के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए और भ्रामक खबरों को अपने ग्रुप से हटाना चाहिए। इतना ही नहीं जो मेंबर ग्रुप में ऐसी खबरें पोस्ट कर रहा है उसे हटाना चाहिए। अगर ग्रुप ऐडमिन लापरवाही करता है तो ऐसी स्थिति में ऐडमिन को दोषी माना जाएगा और उसके खि़ल़ाफ कार्रवाई हो सकती है। एडमिन को चाहिए कि ऐसे भ्रामक पोस्ट को नजदीकी पुलिस स्टेशन में तुरंत रिपोर्ट करे।
एडमिन के लिए नए नियम
नये नियमों के तहत किसी भी तरह का व्हाट्सएप या फेसबुक ग्रुप बनाने से पहले उस ग्रुप के एडमिन को सभी सदस्यों के बारे में पूर्ण जानकारी रखनी होगी। इस सर्कुलर में सात अलग-अलग प्वाइंटस के माध्यम से ग्रुप के लिए नियमों को बताया गया है जिनमें ग्रुप से प्रसारित होने वाले मैसेज, उन पर होने वाली कार्रवाई से लेकर ग्रुप एडमिन्स के लिये गाइडलाइन दिए गए हैं जो इस प्रकार हैं -
 
  • ग्रुप एडमिन वही बनें जो उस ग्रुप के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेवारी और उत्तरदायित्व का वहन करने में समर्थ हो।
  • ग्रुप एडमिन को अपने ग्रुप के सभी सदस्यों से पूर्णतः परिचित होने चाहिए।
  • बिना पुष्टि के समाचार जो अफवाह बन जाए पोस्ट किए जाने पर या सामाजिक समरसता बिगाड़ने वाले पोस्ट पर ग्रुप
  • एडमिन को तत्काल उसका खंडन कर उस सदस्य को ग्रुप से हटाना चाहिए।
  • अफवाह/भ्रामक तथ्य/सामाजिक समरसता के विरूद्ध तथ्य पोस्ट होने पर संबंधित थाना को भी तत्काल सूचना दी जानी चाहिए।
  • अगर ग्रुप एडमिन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होती तो उन्हें भी इसका दोषी माना जाएगा और उनके विरूद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
  • उन्हें दोषी पाए जाने पर आईटी एक्ट/ साइबर क्राइम तथा आईपीसी की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
  • किसी भी धर्म के नाम पर भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट किसी भी ग्रुप में डाले जाने पर समाज में तनाव उत्पन्न होने की संभावना रहती है- ऐसे पोस्ट करने या किसी अन्य ग्रुप को फारवर्ड करने पर आईपीसी की संगत धाराओं के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें ग्रुप एडमिन की भी जिम्मेवारी तदनुरूप निर्धारित की जाएगी।
 
‘चैटवाच’ की वाच आप पर
प्रौद्योगिकी बाजार में ‘चैटवाच’ नामक एक नया एप्लीकेशन आया है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के स्टेटस फीचर का उपयोग कर उपयोगकर्ता को बताएगा कि उनके व्हाट्सएप से जुड़े लोगों ने कितनी बार व्हाट्सएप एप का उपयोग किया है और वे प्रतिदिन किस समय सोते जागते हैं। सरल शब्दों में कहें तो यह एप आपकी सारी सूचनाएं आपके उन सभी दोस्तों तक पहुँचा देगा जो व्हाट्सएप पर आपके साथ हैं। इससे आपकी गोपनीयता खतरे में पड़ सकती है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इसके लिए कतई जरूरी नहीं है कि आपके फोन में यह एप हो। आपका कोई भी दोस्त अपने मोबाइल में इस एप को डाउनलोड करके आपकी जासूसी कर सकता है और आप भी ऐसा ही कर सकते हैं। इस एप की विलक्षण क्षमताएं इसे खतरनाक बना रही हैं। दरअसल चैटवाच व्हाट्सएप ऑनलाइन या ऑफलाइन स्टेटस फीचर का फायदा उठाता है, जिससे आपके मित्रों को आपकी उपलब्धता की जानकारी मिलती है। यह इतना खतरनाक है कि किसी के स्टेटस की जानकारी का उपयोग कर आपको बताएगा कि आपके मित्र व्हाट्सएप पर कितनी बार ऑनलाइन आए हैं। यह आपके मित्रों के सोने और जागने के समय का अनुमान भी लगाएगा। यह एप ऐसे समय में सामने आया है, जब गोपनीयता भंग करने के कारण लोग फेसबुक से अपने को हटा रहे हैं। इसलिए आप भी ऐसे एप से हो जाएं सावधान और गलत मैसजिंग के चक्कर में न पडे़।
आज गूगल प्ले स्टोर पर व्हाट्सएप से मिलते-जुलते कई एप्स मौजूद है जो उसकी सहूलियत को बढ़ाने का दावा करते हैं। लेकिन ये एप्स व्हाट्सएप यूजर्स की पर्सनल जानकारी लेकर इन्हें एक थर्ड-पार्टी कंपनी के साथ शेयर करते हैं। अब खबर है कि इंटरनेट पर मौजूद whatsapp plus नामक यूजर्स की निजी जानकारी को थर्ड पार्टी एप्स के साथ शेयर कर कर रहा है। अंत में हम यही कहेंगे कि वॉट्सएप पर मैसेज भेजते समय सतर्क रहे।
 
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