आईसेक्ट समाचार

(19/Mar/2017)

शिक्षकों ने जाना कि कैसे छात्रों का स्ट्रेस करें खत्म 

आईसेक्ट विश्वविद्यालय में इम्ब्रेस ऑफ लाइफ एण्ड जॉय विषय पर एक दिवसीय विद्यालयीन शिक्षकों हेतु वर्कशाप का आयोजन किया गया। इस वर्कशाप में हमारे शहर के जाने-माने सीनियर साइकोलाजिस्ट, डॉ. विनय मिश्रा और राजीव अग्रवाल, वाइस प्रेसिडेंट आल इंडस्ट्री मंडीदीप एसोसियेशन ने मेंटर की भूमिका निभाई। उन्होंने शिक्षकों को स्कूली विद्यार्थियों से कैसे कुशल रिश्ते बनाते हुए उनकी मानसिक व शारीरिक मनोभावना को प्रबल बनाने हेतु कई सुझाव दिए। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकांे का दल काफी उत्साही नजर आया। आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय सिंह ने सभी शिक्षकों का स्वागत किया और अपने उद्बोधन में कहा कि कैसे पहले और अब की शिक्षा पद्धति में परिवर्तन आ चुका है, पैरेंट्स की उम्मीद भी कितनी ज्यादा होती है परंतु इन सबके बीच हम उस बच्चे को भूल जाते हैं कि वो इतना वर्कलोड नहीं उठा सकता इसीलिए आईसेक्ट विश्वविद्यालय ने इस वर्कशॉप को आयोजित किया जिसमें शिक्षकों को उस परिििस्थत से निपटने का हुनर सिखा सकें। प्रथम सत्र में डॉ. विनय मिश्रा, ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि अकारण आपके साथ कोई घटना घट जाये और वो आपके दिलो दिमाग पर गहरा घाव कर जाये तो ऐसी घटनाएं जीवनभर विस्मृत नहीं होतीं उन पर कैसे कंट्रोल कर आप खुद को कैसे मजबूत बना सकते हैं। हम अपनी आने वाली पीढ़ी से वही बर्ताव करते हैं जो हमारे साथ घटित हो चुका है, इस पर पैरेंट्स और टीचर्स को अपना अहम रोल प्ले करना होता है, तभी छात्र मानसिक रुप से प्रबल बन पायेगा। ट्रामेटिक एक्सपीरियंस के अंतर्गत पीटीएसडी, फिजिकल एब्यूज और सेक्सुअल एब्यूज में के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। दूसरे सत्र में राजीव अग्रवाल, ने बताया कि जिस कार्य को करने में हमें सबसे ज्यादा खुशी होती है उस काम को अपनी दिनचर्या में लेकर आयें और गुस्सैल स्वभाव को कैसे नियंत्रित करना चाहिए। सदैव खुश रहना सीखिए। किसी का इंतजार मत कीजिए कि लोग आपसे मिलने आएं आप लोगों तक खुद चलकर जाइये और उनसे मिलिए फिर अपनी जिंदगी में होने वाले सुखद एहसास को आप स्वयं महसूस करंेगे। अंत में सीनियर साइकोलाजिस्ट, डॉ. विनय मिश्रा और राजीव अग्रवाल को स्मृति चिन्ह भेंट स्वरूप दिया गया।


सराकिया हाई स्कूल के छात्रों को मिल रहा कम्प्यूटर का मौलिक ज्ञान  

आईसेक्ट विश्वविद्यालय मध्य भारत का पहला निजी विश्वविद्यालय है जो अपनी गुणवत्ता के अलावा अपने सामाजिक सरोकारों के लिए देशभर में जाना जाता है। राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में आईसेक्ट यूनिवर्सिटी ‘ज्ञानार्जन’ के अंतर्गत रायसेन जिले की औबेदुल्लागंज तहसील के सराकिया गांव में विश्वविद्यालय के छात्र शिशिर सराठे, बीई (सी.एस.) सतत रुप से माह अगस्त से लगातार कम्प्यूटर ट्रेनिंग और ई-लर्निंग विषय पर वहां के हाई स्कूल के 9वीं और 10वीं के छात्रों को निशुल्क पढ़ा रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा रायसेन जिले में संचालित ‘ज्ञानार्जन’ प्रोजेक्ट के तहत विश्वविद्यालय के छात्र द्वारा ग्राम सराकिया के हाई स्कूल के 100 छात्रों को कम्प्यूटर ट्रेनिंग और ई-लर्निंग विषय से संबंधित मौलिक ज्ञान देने का कार्य किया जा रहा है। इस मिशन को सहयोग करने की भावना से विश्वविद्यालय से छात्र प्रत्येक सप्ताह के शुक्रवार और शनिवार को ग्राम सराकिया जाकर उन्हें डिजीटल टेक्निक के करीब लाने की कोशिश कर रहे हैं। इस पहल को सराकिया हाई स्कूल की प्राचार्या डॉ. मंजुला यादव, छात्रों और अभिभावकों द्वारा सराहा जा रहा है। 
ज्ञात हो कि विश्वविद्यालय द्वारा ‘पढ़ेगा मेंदुआ, बढ़ेगा मेंदुआ’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के ‘उत्थान’ समूह के सदस्य ग्राम मेंदुआ में कक्षा तीसरी से दसवीं तक के बच्चों को निशुल्क पढ़ा रहे हैं। आईसेक्ट विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय सिंह के अनुसार विश्वविद्यालय का लक्ष्य ऐसे विद्यार्थियों को तैयार करना है जो उच्च शिक्षा के साथ समाज में तकनीकी और प्रौद्योगिकी की भूमिका पर अपना योगदान दे सकें।