आईसेक्ट समाचार

(13/Jul/2015)

ब्रेनी बियर में समर कैम्प

ब्रेनी बियर इनोवेटिव प्री-स्कूल व एक्टिविटी क्लब भोपाल में 2 से 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए समर कैम्प आयोजित किया जा रहा है जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों को विभिन्न विधाओं में पारंगत किया जा रहा है। इस कैम्प में विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ बच्चों के हुनर को तराश रहे हैं। ब्रेनी बियर स्कूल की सेंटर संचालक सुश्री श्वेता दुआ ने बताया कि यहां बच्चों को प्रतिदिन कई एक्टिविटी करवाई जा रही है। उन्हें खेल-खेल में आर्ट, क्राफ्ट्स और ज्वैलरी मैंकिंग की सिखाई जा रही है। साथ ही डांस, योगा, मैडिटेशन, गार्डनिंग, म्यूजिक का ज्ञान भी उनको दिया जा रहा है। गणित आधारित खेल के माध्यम से उनमें गणित के प्रति रूचि जगाने की एक्टिविटी भी करवाई जा रही है। साथ ही आज की जरूरत के हिसाब से, वॉक्यूबलरी, स्पीच, कैलिग्राफी, पर्सनालिटी डेवलपमेंट के लिए, पब्लिक स्पिकिंग, मैनर्स, एटिकेट, और को-आर्डिनेशन के लिए टीम आधारित एक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है। इस कैम्प में भाषा, कम्यूनिकेशन स्किल, इमेजिनेशन, रचनात्मकता सामाजिक व भावनात्मक स्किल के माध्यम से बच्चों के संपूर्ण विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। सेंटर संचालक सुश्री दुआ ने बताया कि बच्चों को सेल्फ डिफेंस के लिए जुडो कराते की एक्टिविटी भी करवाई जा रही है। समर कैम्प प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे एवं शाम 4 से 6 बजे तक आयोजित हो रहा है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का शुभारंभ    

देश की शिक्षा एवं प्रशिक्षण की अग्रणी संस्था एवं नेशनल स्किल डेवलपमेंट कार्पाेरेशन (एनएसडीसी) की पार्टनर संस्थान के रूप में कार्यरत आईसेक्ट के मध्यप्रदेश के सभी जिलों, ब्लॉक एवं पंचायत स्तर के कौशल विकास केन्द्रों का वार्षिक सम्मेलन भोपाल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भोपाल के सांसद आलोक संजर उपस्थित थे। इस मौके पर सांसद आलोक संजर ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के अंतर्गत विभिन्न सेक्टर्स में इंडस्ट्रीज से रिलेटेड व रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों का संचालन आईसेक्ट प्रदेश भर में करेगा। इसमें प्रमुख सेक्टर्स आईटी, रिटेल, बैकिंग, सिक्योरिटी, कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम, टेक्सटाइल व एपरल, टूरिज्म इत्यादि होंगे। सफल छात्रों को रोजगार के अवसर व इंडस्ट्री रिकोग्नाइज्ड सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे। इस मौके पर सांसद श्री संजर ने उदाहरण के माध्यम से कौशल और प्रबंधन का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि बिना समय गंवाए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना ही कौशल है। उन्होंने कहा कि हमें अपने आने वाले कल की चिंता करनी होगी और सहकार की भावना से कार्य करना होगा। इस मौके पर आईसेक्ट के महानिदेशक संतोष चौबे ने कहा कि हमारी अवधारणा शुरू से ही यह रही है कि हमने छोटे शहरों और गांवों में कार्य किया। हमने तकनीकी ज्ञान को हिन्दी और भारतीय भाषाओं में गांव-गांव तक पहुंचाया है। इस मौके पर सांसद श्री आलोक संजर के साथ आईसेक्ट के महानिदेशक संतोष चौबे, आईसेक्ट के निदेशक सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आईसेक्ट की निदेशक पल्लवी राव चतुर्वेदी, आईसेक्ट नेटवर्क की रजिस्ट्रार पुष्पा असिवाल और आईसेक्ट विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर अमिताभ सक्सेना मंचासीन थे। स्वागत भाषण में आईसेक्ट के निदेशक श्री सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने आईसेक्ट की गत वर्ष की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आईसेक्ट द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रेजेंन्टेशन के माध्यम से जानकारी दी। इस मौके पर आईसेक्ट द्वारा प्रकाशित रोजगार मेला न्यूज लैटर, कौशल विकास यात्रा रिपोर्ट व इलेक्ट्रानिकी आपके लिए के 250वें अंक का विमोचन भी किया। आईसेक्ट की निदेशक पल्लवी राव चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर आईसेक्ट के श्रेष्ठ कार्य करने वाले केन्द्र प्रबंधकों को सम्मानित किया गया। आईसेक्ट ने यह भी बताया कि कई राष्ट्रीय मिशन जैसे प्रधानमंत्री जन-धन योजना, डिजिटल इंडिया मिशन, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति व जन सुरक्षा बीमा योजना से जुड़कर आईसेक्ट निरंतर प्रगतिशील कार्य करेगा।