पत्र प्रक्रिया

(07/Jul/2015)

मैं इससे पहले भी पत्रिका के कई कार्यक्रमों में षामिल हो चुका हूँ। मुझे बेहद खुषी है कि पत्रिका ने उत्तरोत्तर प्रकाषित होते हुए 250वें अंक के आयाम को छुआ है। मेरा सुझाव है पत्रिका के माध्यम से अधिक से अधिक युवा साथियों को जोड़ा जाए जिससे विज्ञान प्रचार-प्रसार में हमें बहुत सहायता मिलेगी।

- अनुज सिन्हा, नई दिल्ली 

आपने अपने 250 वें अंक के लोकार्पण उत्सव में मुझे आमंत्रित किया, इसके लिए अत्यंत आभार। आपके और प्रतिभागियों के साथ विचार-विमर्श का मौका मिला, इसे मैं अपना सौभाग्य समझता हूं। आप लोगों के आतिथ्य के लिए भी विनम्रतापूर्वक आभार व्यक्त करना चाहता हूं। मैं ‘इलेक्ट्रानिकी आपके लिए’ को अपना हर संभव योगदान देने की कोशिश करूंगा। पत्रिका की पूरी टीम को इस सफल आयोजन के लिए हार्दिक बधाई और इसके उज्ज्वल भविष्य के लिए असीम शुभकामनाएं।  

- देवेंद्र मेवाड़ी, नई दिल्ली  

सोलह मई 2015 के दिन आपकी प्रतिष्ठित और लोकोपयोगी विज्ञान पत्रिका ‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए’ के 250वें अंक के लोकार्पण समारोह में मुझे आईसेक्ट विष्वविद्यालय एवं पत्रिका परिवार के सभी सदस्यों से जो स्नेह और सत्कार मिला, उसके लिए मैं तहे-दिल से आभारी हूँ और अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ।        इस अवसर पर मुझे प्रत्यक्ष रूप से यह अनुभव हुआ है कि कैसे पत्रिका से जुड़े सभी महानुभावों ने आपके नेतृत्व में इस दुष्कर कार्य को सफलता के उस मुकाम तक पहुँचाया है जिसे देखकर एक विज्ञान लेखक होने के नाते मैं स्वयं भी गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ।  यूं मुझे विगत चालीस वर्षों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर  हिंदी विज्ञान लेखन से जुड़े अनेक समारोहों में शामिल होने के मौके मिलते रहे हैं लेकिन जिस सहजता और सरलता से आपके मार्गदर्शन में यह समारोह संपन्न हुआ और जिस आत्मीयता से आप और विनीता चौबे जी सभी लोगों से मिलते रहे, उससे मुझे यह कहने में खुशी हो रही है कि आप राष्ट्र निर्माण से जुड़े लोगों के लिए एक अनुपम प्रेरक और प्रेरणा स्रोत हैं। आप सहित पत्रिका परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं। 

- सुभाष चंद्र लखेड़ा, नई दिल्ली

‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए’ के 250वें अंक के लोकार्पण समारोह में मैं स्वयं उपस्थित न हो सका, इसका खेद है। मैंने विज्ञान परिषद् की ओर से देवव्रत द्विवेदी को भेजा था। वे आपके द्वारा भेंट किया गया साहित्य ले आये हैं। इलेक्ट्रॉनिकी का 250वां अंक अत्यन्त भव्य है। आकर्षक आवरण पृष्ठ के अलावा इसमें संकलित लेख अत्यन्त रोचक एवं सूचनाप्रद है। आपकी गतिविधियों का भी परिचय इसी अंक को पढ़ने पर मिला। आप एक महान कार्य कर रहे हैं।  विशेषकर पुस्तक प्रकाशन योजना अत्यन्त सराहनीय है। इस बार विज्ञान परिषद् से जुड़े 8 लेखकों ने पुस्तक लेखन में भाग लिया है। अब तो हमारा मन ललचा रहा है कि विज्ञान परिषद् में आपको आमंत्रित करके हम ‘विज्ञान’ के दूसरे शताब्दी के रूप रंग पर परामर्श करें। हमें विश्वास है कि आप उत्तरप्रदेश की इस प्राचीन विज्ञान संस्था में अवश्य पधारेंगे। 

- डॉ. षिव गोपाल मिश्र, इलाहाबाद

‘इलेक्ट्रानिकी आपके लिए’ आरम्भ में एक पत्रिका थी परन्तु वर्तमान में यह विज्ञान लेखकों की प्रेरणा स्रोत बन गई है। मेरी नजर में ऐसी कोई पत्रिका नहीं, जो अपने लेखकों को इतना महत्व देती हो और उन्हें ससम्मान आमंत्रित कर उनकी उपस्थिति में पत्रिका के सफर के पड़ावों का उत्सव मनाती हो। लेखक और पत्रिका के बीच के रिश्ते यहाँ एक नया आयाम प्राप्त कर रहे हैं और हम सभी लेखक इसके साक्षी हैं। इसके लिए ‘इलेक्ट्रानिकी आपके लिए’ परिवार और विशेष तौर पर इसकी सम्पादकीय टीम बधाई की पात्र हैं। बिना किसी सरकारी अनुदान के एक हिंदी विज्ञान पत्रिका 28 वर्षों से लगातार प्रकाशित हो रही हो और इसके 250वां अंक का लोकार्पण होना भारतीय विज्ञान संचार की एक ऐतिहासिक घटना है।

- मनीष मोहन गोरे, नई दिल्ली

संसार में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हर दिन को खुषी का दिन मनाकर व्यतीत करते हैं और दूसरों को भी अभिप्रेरित करते हैं। वस्तुतः ऐसी रचनात्मक सोच भी प्रारब्ध एवं पुरुषार्थ से ही प्राप्त होती है जिससे अंततोगत्वा धनात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसा ही व्यक्तिव आदरणीय श्रीयुत संतोष चौबे का है। आपने कठिन परिश्रम से जो आईसेक्ट तथा स्कोप का स्वप्न सोचा था तथा इनके बीजों को षुभ घड़ी में बोया था वो आज फल देकर जनमानस को रसास्वादित कर उनके ज्ञान में अभिवृद्धि कर रहे हैं। ‘इलेक्ट्रॉनिक आपके लिए’ बहुआयामी विज्ञान पत्रिका के सफल प्रकाषन के 50वें, 100वें, 150वें, 200वें अंकों के प्रकाषन को आपने उत्सव का रूप दिया तथा अभी 250वें अंक के सुप्रकाषन के विमोचन का भव्य आयोजन अपने आप में महत्वपूर्ण था। बावजूद प्रचंड गरमी के देष के कोने-कोने से पधारे विज्ञान संचारकों की उपस्थिति मात्र आपके आत्मीय प्रेम तथा आतिथ्य सत्कार का ही द्योतक थी। वस्तुतः पूरे देष में ऐसी कोई पत्रिका नहीं है जिसने प्रकाषित अंकों के इतने सुव्यवस्थित आयोजन किए हैं। मैं आपके अहर्निष सुप्रयासों को हृदय से षुभकामना देता हूँ। साथ ही पत्रिका के आगामी सूचनाप्रद, लोकोपयोगी विषयों पर पाठकोपयोगी प्रकाषन की सुआषा करता हूँ। प्रसंगवष आपके सफल प्रेरणास्पद जीवन के साठवें वर्ष के उपलक्ष्य में ईष्वर से आपके सुदीर्घ स्वस्थ, यषस्वी एवं मंगलमय जीवन की प्रार्थना करता हूँ।

- डॉ. दुर्गादत्त ओझा, जोधपुर  

लोकप्रिय विज्ञान पत्रिका ‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए’ के 250वें अंक के लोकार्पण के उपलक्ष्य में आईसेक्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए आपका धन्यवाद। आपके इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल देश के शीर्ष विज्ञान संचारकों को एक साथ एक मंच पर आने का अवसर मिला बल्कि उन्हें हिन्दी में विज्ञान प्रचार-प्रसार जैसे अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा में सम्मिलित करके सराहनीय कार्य किया है। आशा है कि यह संवाद विज्ञान लेखकों और संचारकों के लिए नई दिशा देगा और नए लोग विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए प्रेरित हुये होंगे। उम्मीद है की भविष्य में भी इसी तरह विज्ञान लेखकों और विज्ञान संचारकों को एकसाथ एक मंच पर विज्ञान लोकप्रियकरण विषय पर विचार विमर्ष करने के लिए अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जिनके आधार पर विज्ञान संचार को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रणनीति बनाई जा सकती है। इस दौरान आपके द्वारा विज्ञान नाटक गैलिलियोे का मंचन बहुत ही सुंदर और प्रभावी था। इसके लिए नाटक के निदेशक और प्रोड्यूसर बधाई के पात्र हैं। दरअसल, समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम अत्यंत प्रभावी हो सकते हैं। रहने-ठहरने, आने-जाने और खान-पान की व्यवस्था से लेकर सम्पूर्ण कार्यक्रम बहुत अच्छा था। इस आशा के साथ कि ‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए’ नित नई ऊंचाइयों को छूती रहे और विज्ञान लोकप्रियकरण के क्षेत्र में आप इसी तरह सभी को साथ लेकर आगे बढ़ते रहें, मैं पुनः आपका धन्यवाद करता हूँ। उम्मीद है कि आगे भी ऐसे कार्यक्रमों में षामिल होते रहेंगे।  

- डॉ. ओम प्रकाष षर्मा

आपकी पत्रिका में प्रकाषित सभी आलेख ज्ञानवर्धक होते हैं। विषेषकर कॅरियर स्तम्भ के अंतर्गत प्रकाषित सामग्री ज्ञानवर्धन के साथ मार्गदर्षक का कार्य भी करती है। कॅरियर स्तम्भ के अंतर्गत फायर इंजीनियरिंग पर प्रकाषित आलेख पढ़कर मैंने फायर इंजीनियरिंग, दिल्ली में दाखिला लिया है। ऐसे अच्छे आलेखों के लिए मैं आपका बहुत-बहुत आभारी हूँ।

- राजीव रंजन उपाध्याय, फैजाबाद

मैं आप सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ कि विज्ञान जागरुकता का यह कार्य आप इतने लंबे समय से करते आ रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर बिना सरकारी सहायता के इतना व्यापक कार्य करके आपने असंभव को संभव कर दिखाया है। आगे भी आपकी टीम इसी तरह पूरे मनोयोग से विज्ञान जागरुकता का कार्य करती रहे। मेरी षुभकामनायें आपके साथ हैं।

- संजय गोस्वामी, मुंबई