तकनीकी समाचार

(01/Jul/2014)

 

सर्फेस प्रो- 3 लेगा लैपटॉी जगह 

प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने तीसरी पीढ़ी का सर्फेस प्रो&3 उपकरण पेश किया जिसका दायरा पिछले मॉडल से बड़ा है लेकिन वजन में यह मैकबुक एयर से भी हल्का है और उम्मीद है कि यह लैपटॉप की जगह ले लेगा। माइक्रोसॉफ्ट से सर्फेस प्रो&2 को पेश करने के साल भर से कम समय में ही 12 इंच का सर्फेस प्रो&3 पेश किया है जिसकी तारीफ टैबलेट के रूप में कारगर पीसी के तौर पर की गई लेकिन यह उपकरण बाजार को आकर्षित नहीं कर सका। कंपनी ने अपने सर्फेस मिनी को पेश करने की घोषणा की थी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। माइक्रोसॉफ्ट के कापरेरेट उपाध्यक्ष पैनोस पैने ने कहा कि यह ऐसा टैबलेट है जो लैपटॉप की जगह ले सकता है। माइक्रोसॉफ्ट ने अपने नए डिजाइन में कारोबारी पेशेवरों को ध्यान में रखा है। कंपनी की वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया कि सर्फेस प्रो&3 टैबलेट है और लैपटाप भी मल्टीपल प्रोसेसर, रैम और स्टोरेज विकल्प के साथ बेहतरीन डिजाइन में उपलब्ध है। यह 11 इंच के मैकबुक एयर से 30 प्रतिशत पतला है।  

                                                        भारत में गूगल चलाएगा इंटरनेट

भारत ने जानी&मानी कंपनी 'गूगल` को भी अपनी ओर आकर्षित कर लिया है। अमेरिका में सबसे तेज ब्रॉडबैंड स्पीड प्रदाता गूगल अब भारत में भी मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर बनने की योजना बना रही है।अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल अपने खुद के वायरलेस नेटवर्क की योजना पर काम कर रहा है, जो उपभोक्ताओं को कॉल करने, मैसेज भेजने व मोबाइल पर वेब ब्राउज़िंग जैसी सुविधाएं प्रदान करेगा। अपने वर्तमान नेटवर्क प्रदाता कंपनी से नाखुश उपभोक्ताओं के लिए इसे बड़ी खबर माना जा रहा है। गूगल इस योजना के अंतर्गत मोबाइल वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटर बनने की योजना बना रहा है। वह अपना इंफ्रास्ट्रक्चर निर्मित करने की बजाए, होलसेल दरों पर वर्तमान 3जी और 4जी नेटवर्क में एक्सेस हासिल करने की कोशिश कर रहा है। बाद में गूगल यही कनेक्टिविटी सस्ती दरों पर उपभोक्ता को मुहैया कराएगा। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस योजना के तहत गूगल अपने आपको 'गूगल फाइबर ब्रॉडबैंड` नाम से एक इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के रूप में स्थापित करेगा।

                                               वाइब्रेशन से चार्ज होगा आपका स्मार्ट फोन!

इंजीनियरों ने एक ऐसी स्मार्ट फोन बैटरी बनाई है जिसे चार्ज करने के लिए इलेक्ट्रिक कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी। एक नैनो जनरेटर को ईजाद किया गया, जो वाइब्रेशन एनजब पैदा करेगा और पॉवर में बदल देगा। चीन की सन याट सेन यूनिवर्सिटी में वैज्ञानिक सू डॉग वांग ने इस नैनो जनरेटर को ईजाद किया है। इस जनरेटर से फोन का वजन बढ़ेगा और उसमें बिजली की शक्ति उत्पन्न होगी, जिससे फोन की बैटरी चार्ज हो जाएगी।

                                                  कैसा लगेगा गूगल कार में बैठना?

बीबीसी टीम को गूगल की महत्वाकांक्षी बिना ड्राइवर की कार परियोजना के शुरुआती मॉडल को देखने का मौका मिला। ड्राइवर के बिना चलती हुई इस कार को देखने का अनुभवकाफ़ी दिलचस्प था। गूगल ने दूसरी कंपनियों पर भरोसा करने के बजाय ख़ुद ही इस कार को बनाने का फ़ैसला किया है। गूगल की ये कार देखने में कार्टून की तरह लगती है। इसमें फुटपाथ पर चलने वालों के लिए ऐसे फ़ीचर होंगे जिनकी मदद से टक्कर होने पर उन्हें ज्यादा नुकसान न पहुंचे। कंपनी का दावा है कि अगर कार को बिना ड्राइवर के ही चलना है तो उन्हें परंपरागत कारों के डिज़ाइन आजमाने की ज़रूरत नहीं है। हालांकि गूगल चाहता है कि इन कारों पर कोई नियंत्रण न हो लेकिन शुरुआती कारों पर इंसानी नियंत्रण के लिए स्टीयरिंग या पेडल होंगे।

निगरानी : इस कार में मौज़ूद व्यक्ति का कार पर तो कोई नियंत्रण नहीं रहेगा लेकिन फिर भी वह सतर्क रहेगा, सड़क पर देखेगा और स्वचालित उपकरणों की हर गलती पर नज़र रखेगा।

गूगल के टेस्ट ड्राइवर ब्रायन टोरसेलीनी का कहना है कि अगर कार चलाने के दौरान आप बोरियत महसूस करते हैं तो इसका मतलब है कि आप सुरक्षित हैं। ब्रायन इस कार को चलाने वाले उन लोगों को भी प्रशिक्षित करने का काम कर रहे हैं जो ख़ुद इसे ड्राइव नहीं करेंगे।

                                                चीन में विंडोज - 8 की बिक्री पर लगी रोक

सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट विंडोज- 8 की चीन में बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। हालांकि सिर्फ सरकारी कम्प्यूटरों में उपयोग के लिए इसकी बिक्री को प्रतिबंधित किया गया है। माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विकसित डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) विंडोज दुनिया में सर्वाधिक उपयोग किया जाने वाला ओएस है। चीन की मीडिया में आई एक रपट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट चीन में विंडोज&8 की बिक्री जारी रखेगी, लेकिन चीन सरकार अपने उपयोग के लिए इसकी खरीद नहीं करेगी। सुरक्षा के मद्देनजर चीन सरकार ने सरकारी कंप्यूटरों के लिए विंडोज&8 का उपयोग न करने का निर्णय लिया है। माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में विंडोज के पुराने संस्करण 'विंडोज एक्सपी` के लिए तकनीकी सहायता सेवा बंद कर दी। गौरतलब है कि चीन के 70 फीसदी कम्प्यूटरों में विंडोज एक्सपी ही उपयोग किया जाता है। अतः माइक्रोसॉफ्ट के इस नए कदम से चीन के इन कम्प्यूटरों को सुरक्षा सेवाएं नहीं मिल पाएंगी।

                                                       एक्सपी के वॉलपेपर की कहानी

यह फोटो आपने हजारों&लाखों बार देखा होगा अपने कम्प्यूटर या लैपटॉप पर बॉलपेपर 'ब्लिस` के रूप में। माइक्रोसॉफ्ट ने इसका उपयोग क्यों और कैसे किया, इसके पीछे रोचक कहानी है। कंपनी ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है जिसमें इस आइकॉनिक फोटो को याद करने का संदेष है। कंपनी के प्रत्येक विंडोज एक्सपी सिस्टम के डिफॉल्ट वॉलपेपर में ब्लिस ही दिखाई देता है। 2001 में एक्सपी की षुरुआत हुई और हाल ही में इसके अपडेट्स आने बंद हुए हैं।

विंडोज एक्सपी की षुरुआत को याद करते हुए वीडियो में कहा गया है कि कम्प्यूटर के इतिहास में षायद यह अब तक का सबसे सर्वव्यापी फोटो है, जिसे फोटोषॉप्ड नहीं किया गया है। टीले पर फैली घास और साफ नीले आसमान वाली यह फोटो 1996 में फोटोग्राफर चार्ल्स ओरिअर ने ली थी, जिसे नाम दिया गया ब्लिस।

माइक्रोसॉफ्ट के नए वीडियो में ओरिअर कह रहे हैं, मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि यह फोटो दुनिया भर में विंडोज एक्सपी की पहचान बनेगा। नेषनल जियोग्रैफिक में काम कर चुके ओरियर बताते हैं, उन दिनों वे उत्तरी सैन फ्रांसिस्को में हाइवे नंबर 121 पर सफर कर रहे थे। तभी वे रुके और यह फोटो लिया। कुछ सालों बाद माइक्रोसॉफ्ट ने इस फोटो के लिए उन्हें भारी राषि अदा की थी। कंपनी ने वीडियों में ब्लिस की उस जगह का 2013 में लिया गया फोटोग्राफ भी दिखाया है, जिससे किसी को संदेह न हो। पिछले कुछ दिनों में ही यूट्यूब पर यह वीडियो 12 लाख से ज्यादा बार देखा गया है।

                                                     ऐप बचाएंगे लाखों लोगों की जिंदगियां

विज्ञान की एक खोज लाखों जिंदगियां बचा सकती है। कैंसर और एड्स जैसी खतरनाक बीमारियों की दवाओं केसे लड़ने में सहायक हो। अब इन जीवाणुओं के जरिए ऐसी दवा बनाने की तैयारी की जा रही है जिससे बीमारियों का इलाज किया जा सके। दिनचर्या पर नजर : षोधकर्ता कई ऐप तैयार कर चुके हैं, जिससे रात में आपके सोने के लेकर आपकी पूरी दिनचर्या और आहार पर नजर रखी जा रही है।

                                   कलाई घड़ी करेगी स्मार्टफोन का काम!

कैसा हो अगर आपकी कलाई में बंधी घड़ी से आप किसी को कॉल कर सकें या कॉल रिसीव कर सकें और बात करने के लिए आपको अपनी कलाई को मुंह के पास ले जाने भर की जरूरत हो। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में यह अगला बड़ा धमाका कहा जा सकता है। सैमसंग कंपनी एक ऐसी कलाई घड़ी तैयार कर रही है, जो समय बताने के साथ स्मार्ट फोन का भी काम करेगी। यह वॉच&फोन जून या जुलाई महीने में बाजार में उतारी जाएगी।

वाल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार दक्षिण कोरियाई निर्माता कई दूरसंचार कंपनियों के साथ अपनी स्मार्ट घड़ी को स्मार्ट फोन के रूप में ग्राहकों के बीच पेश करने को लेकर बातचीत कर रहे हैं। यह वाच&फोन सैमसंग के टिजेन स्मार्टवॉच संचालन प्रणाली के माध्यम से काम करेगी। सैमसंग ने इससे पहले गैलेक्सी गियर उपकरण बाजार में उतारा, जिसे आशा के अनुरूप प्रतिक्रिया नहीं मिली। एक रिपोर्ट में कहा गया कि सैमसंग का दूसरी पीढ़ी का गियर 2 उपकरण पहले की अपेक्षा हल्की, पतली और ज्यादा शक्तिशाली है।

                                                      भीड़ में अलग ढूंढ निकालेगा यह एप्प!

फिल्मों में कई बार आपने देखा होगा कि पुलिस के डर से भागता हुआ अपराधी चकमा देने के लिए लोगों की भीड़ में शामिल हो जाता है और पुलिस की गिरफ्त से बच निकलता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। एक सॉफ्टवेयर उसे ढूंढ़ निकालेगा। शोधकर्ताओं ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जो भीड़ में भी हर व्यक्ति को अलग से पहचान सकता है। आईडीट्रैकर नाम का यह सॉफ्टवेयर पशुओं का पीछा करने में सक्षम पाया गया है। अलग&अलग पशुओं की विशेष पहचान जैसे कि आकार, बनावट और पैरों के निशान के माध्यम से यह सॉफ्टवेयर उनकी पहचान करने में सफल साबित हुआ है। स्पेनिश नेशनल रिसर्च काउंसिल (सीएसआईसी)  के अल्फोंसो पेरेज एस्क्यूडेरो ने कहा कि बहुत जल्द यह प्रयोग में लाया जाएगा। लंबे समय से चल रहे प्रयास के बाद हमारे द्वारा विकसित की गई यह विधि भीड़ में लोगों की पहचान करने के काम में आएगी। सीएसआईसी के गोंजालो जी. डे पोलाविएजा ने कहा कि आगे जाकर यह विधि अलग&अलग इंसानों के स्वभाव को समझ पाने में भी मददगार साबित होगी। शोधकर्ता इस सॉफ्टवेयर का प्रयोग मछलियों, चीटियों, चूहों सहित कई प्रकार के पशुओं पर कर चुके हैं और सकारात्मक संकेत मिले हैं।

                                                    जुलाई से सभी एटीएम बोलने वाले होंगे...

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने कमर्शियल बैंकों से कहा कि वे जुलाई 2014 से लगाए जाने वाले सभी एटीएम में ग्राहकों के लिए बोलते (ऑडिबल) निर्देश तथा ब्रेल की&पैड उपलब्ध कराएं। इससे पहले 2009 में रिजर्व बैंक ने बैंकों को सलाह दी थी कि बैंक शाखाएं तथा एटीएम विकलांग लोगों के अनुकूल हों तथा नए एटीएम ऐसे हों, जो कम&से&कम एक तिहाई ब्रेल की&पैड के साथ सुने जा सकने वाले निर्देश दे सकें। रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना में कहा, 'इसीलिए यह फिर से दोहराया जाता है कि बैंक 1 जुलाई 2014 से जो भी एटीएम लगाएं, उसमें ब्रेल की&पैड हो और वह बोलने वाला हो।` इसमें कहा गया है कि बैंकों को सभी मौजूदा एटीएम को ब्रेल की&पैड के साथ बोलने वाले एटीएम में तब्दील करने के लिए खाका तैयार करना चाहिए और इसकी समीक्षा समय & समय पर की जा सकती है।