कॅरियर

(11/Mar/2015)

फायर इंजीनियरिंग

फायर इंजीनियर्स का कार्य काफी चुनौतीपूर्ण होता है। इसके लिए साहस के साथ-साथ समाज के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है। फायर इंजीनियर का कार्य इंजीनियरिंग डिजाइन, ऑपरेशन और मैनेजमेंट से संबंधित होता है। फायर इंजीनियर की प्रमुख जिम्मेदारी दुर्घटना के समय आग के प्रभाव को खत्म करना या फिर सीमित करना होता है। इसके लिए वे अग्नि सुरक्षा के विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। अग्निशमन के आधुनिक उपकरणों के इस्तेमाल और उसके रख-रखाव की तकनीक में सुधार करना भी इनकी ही जिम्मेदारी होती है। यह खतरनाक स्थितियों से लोगों की रक्षा करने के लिए इंजीनियरिंग और विज्ञान के सिद्धांतों का इस्तेमाल करता है। फायरफाइटर्स ,फायर इंजीनियर खतरनाक स्थितियों में अग्निसुरक्षा के विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल विभिन्न तरीकों का फायर (बसंेे ।ए ठए ब्ए क्) प्रणाली को लागू कर किसी भी विनाशकारी दृश्यों से बचा जा सकता है। यह क्षेत्र आग की रोकथाम से संबंधित है। लोगों की रक्षा करने के लिए उनका जीवन खतरे में रहा है फायरफाइटर्स होने के नाते 11 सितंबर 2001 अमेरिका में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर आतंकवादी हमले और भारत के मुंबई, में 26ध्11 एक आतंकवादी हमले के दौरान आग बुझाने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है फायरफाइटर्स की टीम ने।

फायर का संकटमोचन है फायरफाइटर्स। यह धुआं और आग की विनाशकारी परिणामों से दूसरों की रक्षा करने के लिए फायर ऑपरेशन और मैनेजमेंट सिखाता है। फायर इंजीनियर डिजाइन और आग के परिणामों को कम करने के लिए उन्हें सुरक्षा उपाय प्रदान करने और जीवन स्तर के मानकों को बढ़ाने में मदद करना है, आग एक घटना है और आग के प्रभाव को समझता है एक जिम्मेदार फायर इंजीनियर, अगर आपको ‘आग’ से खेलना पसंद है, तो फायर इंजीनियरिंग को कॅरियर के रूप में अपना सकते हैं। ऊंची-ऊंची इमारतें, बड़े-बड़े मॉल्स आदि भी आग से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। यदि आग अनियंत्रित हो जाए, तो काफी नुकसान भी उठाना पड़ता है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए फायरफाइटर्स (जीवित लोगों को आग से बाहर निकलने) की जरूरत होती है। उनका लक्ष्य हमेशा आग से बाहर निकलने के सुरक्षित विधि देखने की है इस तरह के प्रोफेशनल्स फायर इंजीनियरिंग से जुड़े लोग होते हैं, जो जानते हैं कि आग को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है। बिल्डिंग निर्माण के लिए अतिरिक्त कदम (अग्नि सुरक्षा के मानक) इंजीनियरिंग कैसे उठा रहे हैं। विकास के साथ-साथ सुरक्षा की मांग में वृद्धि की वजह से बढ़ रहा है फायर इंजीनियरिंग का प्रोफेशन। इन इंजीनियरों का कार्य आग बुझाने के विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करना आग को नियंत्रित कर लोगों की रक्षा करने और आग के परिणामों को खत्म करना है आग के परिणामों की वजह को खोजने के लिए जिम्मेदार हैं फायर इंजीनियर और वे आग के परिणामों को सुलझाने और सुरक्षा के तरीके में सुधार करने के लिए रास्ता खोजने के लिए प्रयास करने के लिए फायर इंजीनियरिंग का कोर्सेज है, इस तरह वे भी आपात स्थिति के मामले में अग्निसुरक्षा के विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, इस फील्ड में जॉब ऑप्शंस भी शानदार हैं। फायर इंजीनियरिंग से जुड़े अधिकांश कोर्स ग्रेजुएट स्तर पर उपलब्ध हैं, जिसके लिए साइंस सब्जेक्ट से बारहवीं पास होना जरूरी है। फायर इंजीनियरिंग से रिलेटेड सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स भी कर सकते हैं। कोर्स के दौरान आग बुझाने के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी जाती हैं। साथ में, बिल्डिंग निर्माण के बारे में भी बताया जाता है, ताकि आग लगने की स्थिति में उसे बुझाने में ज्यादा परेशानी न हो। इसमें फिजिकल फिटनेस के मार्क्स भी जोड़े जाते हैं। 

कोर्सेज

  • बीई -फायर इंजीनियरिंग।
  • बीटेक- फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग।
  • सर्टिफिकेट कोर्स इन फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग (सीएफएसई)।
  • डिप्लोमा इन फायर एंड इंडस्ट्रियल सेफ्टी इंजीनियरिंग।
  • डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल सेफ्टी इंजीनियरिंग।
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन फायर ऐंड सेफ्टी इंजीनियरिंग।
  • डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग मैनेजमेंट (डीएफएसइएम)।
  • डिप्लोमा इन फायर एंड सेफ्टी इंजीनियरिंग 
  • डिप्लोमा इन फायर इंजीनियरिंग।

विकल्प और अवसर

फायर इंजीनियरिंग इंजीनियर डिजाइन सुरक्षा के तरीके को विकसित करने और कुछ नया सीखने का मौका हथियाने में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए कई विकल्प और अवसर प्रदान करता है। यह खतरनाक क्षेत्रों में से एक है, लेकिन यह एक किसी भी प्रकार के आग (बिजली, रासायनिक, तेल की आग, न्यूक्लियर) के लगने खतरे या ज्वलनशील सामग्री से आतंकवादी हमले से दूसरों की रक्षा करने के लिए है। इस क्षेत्र के इंजीनियरों को उनके हित और पसंद के अनुसार किसी भी क्षेत्र के सरकारी या निजी क्षेत्र में जा सकते हैं। वे ऐसे पेट्रोलियम रिफाइनरी, कपड़ा, उर्वरक, निर्माण, रसायन उद्योग आदि में कई विकल्प हैं और अन्य उद्योगों में आग से निपटने के लिए बॉटलिंग संयंत्रों के क्षेत्र में बहुत अवसर हैं जैसे रासायनिक या ज्वलनशील उत्पादों के विनिर्माण कंपनियों में फायर एंड सेफ्टी इंजीनियर के रूप कार्य कर सकते हैं। उद्योग में औद्योगिक सुरक्षा कर्मियों की रक्षा, उच्च तकनीक मशीनरी में उत्पादन संयंत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सुरक्षित कार्रवाई करने के लिए दुर्घटनाओं को कम करने के लिए फायर इंजीनियर का कार्य महत्वपूर्ण है, कुशल पेशेवर फायर इंजीनियर विविध रिफाइनरी, न्यूक्लियर उद्योग, हैवी इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल निर्माताओं, वस्त्र निर्माताओं, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, निर्माण कंपनियों, बिजली जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक इकाई आदि की रक्षा के लिए फायर एंड सेफ्टी इंजीनियर, फायरफाइटर्स की जरूरत होती है। इस फील्ड में आप असिस्टेंट फायर ऑफिसर, सेफ्टी इंस्पेक्टर, सेफ्टी इंजीनियर, सेफ्टी ऑफिसर, सेफ्टी सुपरवाइजर, फायर प्रोटेक्शन टेक्नीशियन, सेफ्टी ऑडिटर, फायरफाइटर्स ,फायर सुपरवाइजर, हेल्थ असिस्टेंट, एनवायरनमेंट ऑफिसर, फायर ऑफिसर आदि के रूप में काम कर सकते हैं। फायर इंजीनियरिंग से जुड़े लोगों के लिए गवर्नमेंट और पब्लिक सेक्टर में काफी संभावनाएं हैं। इस फील्ड से जुड़े प्रोफेशनल्स भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, रेलवे, एयरफोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, डिफेंस, इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड, ओएनजीसी, माइंस, रिफाइनरिज, पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स आदि में जॉब की तलाश कर सकते हैं। सैलरी पैकेज जूनियर या असिस्टेंट फायर इंजीनियर की शुरुआती सैलरी 25.50 हजार रुपये प्रतिमाह हो सकती है। प्राइवेट सेक्टर में कुछ वर्ष का वर्क एक्सपीरियंस रखने वाले प्रोफेशनल्स को वरीयता मिलती है और सैलरी काबिलियत के अनुसार 40.80 हजार रुपये प्रतिमाह मिलती है।

बीई -फायर इंजीनियरिंग कोर्स में मुख्य विषय

फायर इंजीनियरिंग कोर्स में केमिकल इंजीनियरिंग, द्रव यांत्रिकी एवं द्रव का प्रवाह, मशीन ड्राइंग के तत्व, सुरक्षा प्रबंधन के सिद्धांत, एप्लाइड संख्यात्मक, फायर इंजीनियरिंग(बुनियादी अवधारणा ,उपकरण), विद्युत प्रणालियों में विद्युत प्रौद्योगिकी और सुरक्षा, प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन प्रक्रियाएं, संचार कार्यशाला, इंजीनियरिंग डिजाइन के सिद्धांत, सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के कानूनी पहलू, रासायनिक प्रक्रिया सुरक्षा, प्रोसेस इंस्ट्रुमेंटेशन और नियंत्रण इंजीनियरिंग, सामग्री और आग नियंत्रण, पर्यावरण इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, व्यावसायिक स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रबंधन, खतरा पहचान और सुरक्षा, रेल और सड़क परिवहन में सुरक्षा, इंजीनियरिंग उद्योग में सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, उन्नत सुरक्षा इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, बीमा दावा निपटान जैसे विषयों का अध्ययन किया जाता है जो इंजीनियरिंग सुरक्षा और विज्ञान के हैं। जो खतरनाक स्थितियों से लोगों की रक्षा करने के लिए इंजीनियरिंग और विज्ञान के सिद्धांतों का इस्तेमाल करता है।


प्रवेश परीक्षा

  • अखिल भारतीय इंजीनियरिंग/आर्किटेक्चर प्रवेश परीक्षा
  • फायर इंजीनियर्स संस्था(प्थ्म्), दिल्ली की एसोसिएट सदस्य की परीक्षा
  • इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट
  • प्ै।ज् एडमिशन टेस्ट
  • संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई)
  • वास्तुकला में नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट
  • स्प्म्ज् एंट्रेंस टेस्ट (सेट)-राज्यवार प्रवेश परीक्षा(ब्म्ज्)
  • भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, फायर सेफ्टी अधिकारी/कर्मचारी भर्ती परीक्षा
  • भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (प्ैत्व्) की प्रवेश परीक्षा


संस्थान

  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर
  • भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई।
  • फायर इंजीनियरिंग सेक्शन, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई
  • फायर इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट(प्थ्म्), दिल्ली
  • दिल्ली इंजीनियरिंग इंस्टिट्यूट, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली 
  • फायर सेफ्टी इंजीनियरिंग संस्थान, नागपुर
  • राष्ट्रीय अग्नि सेवा कॉलेज, नागपुर 
  • सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, केरल 
  • फायर इंजीनियरिंग और औद्योगिक सुरक्षा इंजीनियरिंग कॉलेज, केरल
  • भारतीय फायर सर्विसेज इंजीनियरिंग और सुरक्षा प्रबंधन कॉलेज, नागपुर (महाराष्ट्र)
  • राष्ट्रीय बिल्डिंग इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान,(ब्ठत्प्ए ब्ैप्त्), रुड़की
  • सुरक्षा प्रबंधन और प्रौद्योगिकी संस्थान ( इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट), केरल 
  • नेशनल फायर इंजीनियर्स संस्थान, नागपुर    
  • राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान(छैब्), मुंबई
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
  • मुंबई विश्वविद्यालय, मुंबई।
  • राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र, केरल 

यमुना g/13, अणुशक्तिनगर, मुंबई -94
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